" Real life Touch feel do :" one of my favrt words which i share with all of you
रचना की पंक़्तियों में :
-------- देर तक उड़नी बाँध कर पाँच मंझे से ( ये हमारी इन्द्रियाँ हैं , जो विवश करती है .. ) वही कहा देखना हाथ ना कटे ................! सुनिये और अपने विचारों से हमें अवगत कराईये कि ...ख्याल और कहीं बातें कितनी सार्थक हैं !
वाह ...वाह ...वाह ...मीठी सी आवाज़ ...खुशियों भरी .....उस पर ख़ूबसूरत रचना सकरात्मक उर्जा से ओत-प्रोत रचना ....बधाई
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