Monday, 4 March 2013

" यादों का सफ़र ! "

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रचना : " यादों का सफ़र !"
स्वर : स्व-स्वर (एहसास)

    रचना कितनी प्रभावी है .. या कमज़ोर ....!  अपनी टिप्पणी अवश्य दीजियेगा । मेरी e-mail ID है  :- ehsaascreation@gmail.com

9 comments:

  1. ''mausam, taraano ya naacheez si shay mein... puraane libaas pehenkar phir khada ho jata hai''

    bahut khoooob... aur

    ''jitni koshish se dabaye is ehsaas ko..
    aisa jazbaat hai....aur bada ho jaata hai......." kyaaa baat hai... bhai waaah... !!!!!

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    1. सुदीप भाई आभार !
      ----------------

      आप एक बहुत ही सृजनशील हैं.. आपकी टिप्पणी बहुत ही उत्साहवर्धक रहेगी !
      बहुत बहुत आभार ......

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  2. एहसास जी बहुत ही सुंदर रचना के लिए बहुत बहुत धन्यवाद,,आपकी इन यादों का सफ़र बहुत ही खुबसूरत है ......मेरी पसंद के हिसाब से कुछ पंक्तियाँ तो गजब ढाती हैं ..."तन्हाइयों में याद का काफिला फिर आ जाता है ..............माँ को पालने में बड़ा खिलौना देख छलकती आँखों से बच्चे पर बहुत लाड आता है .........यादों का सफ़र कभी मुकाम नहीं पाता है .........वैसे हर लाइन बहुत ही जानदार बन पड़ी है ...आप इस तरह से सुंदर सुंदर कविताओं के सागर में हमे हमेशा गोते लग्वातें रहे ..हमारी यही कामना है ...हमारे लिए ये गंगा माँ के गोटों से कम नहीं हैं ...............बहुत बहुत धन्यवाद

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  3. चन्दर भाई ,
    ये आपका स्नेह भी स्मृतियों के कई परिमाप स्थापित कर रहा है , प्रयास करता रहूँगा की आपकी आशाओं पे खरा उतरुँ.. अभिव्यक्ती प्रधान लेखन करता हूँ .. जैसा मन आये, चाहे गलत हो सही हो .. पता, नही पर आपकी प्रेरणा अच्छा से अच्छा करवाने के लिये प्रोत्साहित करती है ।
    आपके इस प्रेम और स्नेह के लिये हर्दय से आभार !!
    सादर ..
    ---- अगला शीघ्र करुँगा सर्वप्रथम आपके पास ही संदेश भेजूँगा !
    सादर..
    नमन भाई !

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  4. Replies
    1. बहुत बहुत आभार भाई !
      सादर
      अनुराग एहसास

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  5. Replies
    1. तहे दिल से शुक्रगुजार हूँ !
      नवाज़िश

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